सामाजिक विज्ञान/राजव्यवस्था – कक्षा 11 – Ncert अध्याय 1- संविधान – क्यों और कैसे : Political Science/Constitution NCERT Based Questions Part 3 For UPSC, IAS, RAS, State PCS

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In this post we are going to share सामाजिक विज्ञान/राजव्यवस्था – कक्षा 11 – Ncert अध्याय 1- संविधान – क्यों और कैसे , Political Science/Constitution/Indian Polity NCERT Based Questions Part 3. These Questions are important For UPSC, IAS, RAS, RPSC, UPPSC, ,MPPSC, BPSC, Other State PCS. This Practice set have Multiple choice questions, which are from Indian Polity/Indian Constitution Subject. These Indian Polity/Indian Constitution Questions are made on the basis of previously asked questions in UPSC, IAS, RAS, UPPSC, MPPSC, BPSC, and Other PSC exams.

Indian Polity/Indian Constitution/Political Science Questions in Hindi


प्रश्न 1:- संविधान के कार्यों के संबंध में विचार करें-
1. बुनियादी नियमों का समूह उपलब्ध कराना।
2. नागरिकों के अधिकारों पर नियंत्रण के सन्दर्भ में दिशानिर्देश।
3. कुछ साझे मूल्यों की अभिव्यक्ति करना।
4. न्यायपूर्ण समाज को सुनिश्चित करना।
5. यह सुनिश्चित करना कि सत्ता में अच्छे लोग आयें।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
A) केवल 3 और 5
B) केवल 5
C) केवल 2 और 3
D) 2, 3 और 5

उत्तरः (b)
व्याख्याः #संविधान_का कार्य है कि वह बुनियादी नियमों का ऐसा समूह उपलब्ध कराये जिससे समाज के सदस्यों में न्यूनतम समन्वय और विश्वास बना रहे। संविधान द्वारा नागरिकों को प्रदत्त अधिकारों पर नियंत्रण लगाने के सन्दर्भ में संविधान में स्पष्ट दिशानिर्देश दिये गए हैं। कोई भी सरकार कुछ विषम परिस्थितियों में ही उन्हें सीमित कर सकती है, लेकिन उन्हें समाप्त नहीं कर सकती। उसमें भी अनु. 20 व 21 के मूल अधिकार को किसी भी परिस्थिति में नहीं छीना जा सकता। साझे मूल्यों के अन्तर्गत को किसी भी परिस्थिति में नहीं छीना जा सकता। साझे मूल्यों के अन्तर्गत स्वतन्त्रता, बन्धुता व धार्मिक-राजनीतिक स्वछन्दताएँ, हमें संविधान के द्वारा प्राप्त हैं। स्वतन्त्र न्यायपालिका के माध्यम से न्याय व्यवस्था को सुनिश्चित किया गया है। संविधान में सत्ता में आने की प्रक्रिया व उनको प्राप्त अधिकारों का स्पष्ट उल्लेख है लेकिन उनकी योग्यता के सन्दंर्भ में इतनी चुस्ती नहीं दिखाई गई है अर्थात् ये सुनिश्चित करना कि सत्ता में अच्छे लोग ही आएँ सम्भव नहीं है।


प्रश्न 2:- निम्नलिखित कथनों पर विचार करें-
1. भारतीय संविधान, सरकार को लोकहितकारी कार्य करने हेतु अधिकार प्रदान करता है।
2. समाज की आकांक्षाओं व उनके लक्ष्यों की अभिव्यक्ति को सुनिश्चित करने का दायित्व सरकार का होता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः #संविधान, सरकार को लोकहितकारी कार्य करने, समाज की आकांक्षाओं व उनके लक्ष्यों को सुनिश्चित करने का सामर्थ्य प्रदान करता है।


प्रश्न 3:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. संविधान के माध्यम से ही किसी समाज की एक सामूहिक ईकाई के रूप में पहचान होती है।
2. संविधान आधिकारिक बंधन लगाने के साथ-साथ सभी नागरिकों को नैतिक पहचान भी देता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (d)
व्याख्याः दोनों कथन सत्य हैं।


प्रश्न 4:- कथनः किसी भी देश का संविधान, उस देश के नागरिकों की आकांक्षाओं का पिटारा है।
कारणः संविधान निर्माताओं का मानना था कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को बुनियादी भौतिक ज़रूरतों और शिक्षा सहित गरिमा और सामाजिक आत्म सम्मान से लबरेज जीवन जीने हेतु सभी आधार प्राप्त होने चाहिये।
A) कथन व कारण दोनों सही हैं तथा कथन कारण को पुष्ट करता है।
B) कथन व कारण दोनों सही हैं लेकिन कथन कारण को पुष्ट नहीं करता है।
C) कथन सही है जबकि कारण गलत है।
D) कथन गलत है जबकि कारण सही है।

उत्तरः (a)
व्याख्याः किसी भी देश के संविधान निर्माता वहाँ की जनता की #आधारभूत आवश्यकताओं को समझते हुए ही संविधान के मूल्यों का उन्हीं के अनुसार सृजन करते हैं।


प्रश्न 5:- कथनः संविधान सरकार को शक्तियों को नियंत्रित करने वाले नियमों और कानूनों के साथ ऐसी शक्तियाँ भी देता है जिससे वह समाज की सामूहिक भलाई के लिये काम कर सके।
कारणः भारतीय संविधान जातीय या नस्ल को नागरिकता के आधार के रूप में मान्यता प्रदान करता है।
A) कथन व कारण दोनों सही हैं तथा कथन कारण को पुष्ट करता है।
B) कथन व कारण दोनों सही हैं लेकिन कथन कारण को पुष्ट नहीं करता है।
C) कथन सही है जबकि कारण गलत है।
D) कथन गलत है जबकि कारण सही है।

उत्तरः (c)
व्याख्याः कथन सही है जबकि कारण गलत है। #भारतीय संविधान जातीय या नस्ल को नागरिकता के आधार के रूप में मान्यता प्रदान नहीं करता है।


प्रश्न 6:- कथनः इंग्लैण्ड के पास कोई संविधान नहीं है, बल्कि उनके पास दस्तावेज़ों तथा निर्णयों की लम्बी श्रृंखला है।
कारणः कोई संविधान अपने सभी नागरिकों की स्वतंत्रता और समानता की जितनी अधिक सुरक्षा करता है उसकी सफलता की सम्भावना उतनी बढ़ जाती है।
A) कथन व कारण दोनों सही हैं तथा कथन कारण को पुष्ट करता है।
B) कथन व कारण दोनों सही हैं लेकिन कथन कारण को पुष्ट नहीं करता है।
C) कथन सही है जबकि कारण गलत है।
D) कथन गलत है जबकि कारण सही है।

उत्तरः (b)
व्याख्याः #इंग्लैण्ड में दस्तावेजों तथा निर्णयों की लम्बी श्रृंखला को ही सामूहिक रूप से संविधान कहा जा सकता है। उनके पास अलग से कोई संविधान नहीं है। जो संविधान अपने सभी नागरिकों की स्वतंत्रता और समानता की जितनी अधिक सुरक्षा करता है उसकी सफलता की सम्भावनायें उतनी ही अधिक होती हैं। इस संदर्भ में सबसे उपयुक्त उदाहरण “भारतीय संविधान” है।


प्रश्न 7:- कथनः संविधान की रूपरेखा बनाने के संदर्भ में यह सुनिश्चित करना प्राथमिक है कि एक ही संस्था/विभाग का सभी शक्तिओं पर एकाधिकार न हो।
कारणः भारतीय संविधान में शक्ति को विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका जैसी स्वतंत्र संवैधानिक निकायों में बाँटा गया है।
A) कथन व कारण दोनों सही हैं तथा कथन कारण को पुष्ट करता है।
B) कथन व कारण दोनों सही हैं लेकिन कथन कारण को पुष्ट नहीं करता है।
C) कथन सही है जबकि कारण गलत है।
D) कथन गलत है जबकि कारण सही है।

उत्तरः (a)
व्याख्याः इस सभी संस्थाओं (#कार्यपालिका, विधायिका व न्यायपालिका) को एक दूसरे से स्वतंत्र रखने का सबसे बड़ा कारण यही है कि यदि एक संस्था संविधान का अतिक्रमण करती है तो दूसरी संस्था उस पर आपत्ति दर्ज कर उस पर रोक लगा सकती है।


प्रश्न 8;- कथनः कठोर संविधान परिवर्तन के दबाव में नष्ट हो जाते हैं और यदि संविधान अत्यधिक लचीला है तो वह समाज को सुरक्षा और पहचान नहीं दे पाएगा।
कारणः सफल संविधान प्रमुख मूल्यों की रक्षा करने और नई परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढालने में संतुलन रखते हैं।
A) कथन व कारण दोनों सही हैं तथा कथन कारण को पुष्ट करता है।
B) कथन व कारण दोनों सही हैं लेकिन कथन कारण को पुष्ट नहीं करता है।
C) कथन सही है जबकि कारण गलत है।
D) कथन गलत है जबकि कारण सही है।

उत्तरः (b)
व्याख्याः #कथन व कारण दोनों सही हैं लेकिन कथन कारण को पुष्ट नहीं करता है।


प्रश्न 9:- ब्रिटिश मंत्रिमण्डल की समिति ‘कैबिनेट मिशन’ में निम्नलिखित प्रस्तावित बिन्दुओं में कौन-कौन से बिंदु शामिल थे-
1. प्रत्येक प्रांत, देशी रियासतों के समूह को उनकी जनसंख्या को अनुपात में सीटें दी गई। साधारणतः दस लाख की जनसंख्या पर एक सीट का अनुपात रखा गया।
2. प्रत्येक प्रांत की सीटों को तीन प्रमुख समुदायों- मुसलमान, सिख और सामान्य में उनकी जनसंख्या के अनुपात में बाँट दिया गया।
3. प्रांतीय विधान सभाओं में प्रत्येक समुदाय के सदस्यों ने अपने प्रतिनिधियों को चुना तथा इसके लिये उन्होंने समानुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमण मत पद्धति का प्रयोग किया।
4. देशी रियासतों के प्रतिनिधियों के चुनाव का तरीका उनके परामर्श से तय किया गया।
कूटः
A) केवल 1 और 2
B) केवल 2 और 4
C) केवल 1, 2 और 4
D) उपरोक्त सभी।

उत्तरः (d)


प्रश्न 10:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. सा जिक लोकतंत्र स्वतंत्रता, समता और बन्धुता को जीवन के सिद्धान्तों के रूप में स्वीकार करता है।
2. समताविहीन स्वतंत्रता कुछ व्यक्तियों की अनेक व्यक्तियों पर प्रभुता को जन्म देगी, वहीं स्वतंत्रताविहीन समता व्यक्तिगत पहल को नष्ट कर देगी।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः दोनों कथन सही हैं। #सामाजिक लोकतंत्र स्वतंत्रता, समता और बंधुता को जीवन के सिद्धान्त के रूप में स्वीकार करता है। अतः स्वतंत्रता को समता से अलग नहीं किया जा सकता है, न ही समता को स्वतंत्रता से और न ही स्वतंत्रता व समता को बन्धुता से अलग किया जा सकता है। जहाँ स्वतंत्रता विहीन समता व्यक्ति को नष्ट करेगी तो वहीं समताविहीन स्वतंत्र कुछ व्यक्तियों को अनेक व्यक्तियों पर प्रभुत्व को जन्म देगी। बंधुता के बिना स्वतंत्रता और समता अपना स्वाभाविक मार्ग ग्रहण नहीं कर सकती।


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