सामाजिक विज्ञान/राजव्यवस्था – कक्षा 11 – Ncert अध्याय 5 – विधायिका – पार्ट 1 : Political Science/Constitution NCERT Based Questions For UPSC, IAS, RAS, State PCS

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In this post we are going to share सामाजिक विज्ञान/राजव्यवस्था – कक्षा 11 – Ncert अध्याय 5 – विधायिका – पार्ट 1 , Political Science/Constitution/Indian Polity NCERT Based Questions Part 1. These Questions are important For UPSC, IAS, RAS, RPSC, UPPSC, ,MPPSC, BPSC, Other State PCS. This Practice set have Multiple choice questions, which are from Indian Polity/Indian Constitution Subject. These Indian Polity/Indian Constitution Questions are made on the basis of previously asked questions in UPSC, IAS, RAS, UPPSC, MPPSC, BPSC, and Other PSC exams.

Indian Polity/Indian Constitution/Political Science Questions in Hindi

प्रश्न 1:- संसद के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. यह सभी लोकतांत्रिक राजनीतिक प्रक्रियाओं का केन्द्र है।
2. वास्तविक प्रतिनिधित्व वाली कुशल और प्रभावी विधायिका के बिना सच्चे लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (d)
व्याख्याः दिये गए दोनों कथन सत्य हैं।


प्रश्न 2:- विधायिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. यह जन-प्रतिनिधियों का जनता के प्रति उत्तरदायित्व सुनिश्चित करती है।
2. यह वाद-विवाद का सबसे लोकतांत्रिक व खुला मंच है। अपनी संरचनात्मक विशेषता के कारण यह सरकार के अन्य सभी अंगों में सबसे ज़्यादा प्रतिनिधिपरक होती है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः #विधायिका जन-प्रतिनिधियों का जनता के प्रति उत्तरदायित्व सुनिश्चित करती है। यह वास्तव में प्रतिनिधिपरक लोकतंत्र का आधार है। अत्यन्त शक्तिशाली मंत्रिमण्डल को भी विधायिका में बहुमत की आवश्यकता होती है। यह वाद-विवाद का सबसे लोकतांत्रिक और खुला मंच है। अपनी संरचनात्मक विशेषता के कारण यह सरकार के अन्य सभी अंगों में सबसे ज़्यादा प्रतिनिधिपरक है। इसके पास सरकार (कार्यपालिका) का चयन करने और उसे बर्खास्त करने की शक्ति भी है।


प्रश्न 3:- राज्य सभा के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से असत्य कथन है/हैं-
1. ये राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है तथा इसका निर्वाचन अप्रत्यक्ष विधि से होता है।
2. राज्य विधानसभा के निर्वाचित सदस्य, राज्य सभा के सदस्यों का चुनाव नहीं कर सकते।
3. संविधान की पाँचवी अनुसूची में प्रत्येक राज्य से निर्वाचित होने वाले सदस्यों की संख्या निर्धारित की गई है।
4. राज्य सभा के सदस्यों का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
5. प्रत्येक दो वर्ष के अन्तराल पर राज्य सभा के दो-तिहाई सदस्य अपना कार्यकाल पूरा करते हैं।
कूटः
A) केवल 1, 4 और 5
B) केवल 2, 3, 4 और 5
C) केवल 1 और 2
D) केवल 2, और 3

उत्तरः (b)
व्याख्याः
#राज्य_सभा राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है व इसका निर्वाचन अप्रत्यक्ष विधि से होता है। अतः कथन (1) सत्य है।
किसी राज्य के लोग राज्य की विधानसभा के सदस्यों को चुनते हैं। इसके बाद विधानसभा के निर्वाचित सदस्य राज्य सभा के सदस्यों को चुनते हैं। अतः कथन (2) असत्य है।
संविधान की चौथी अनुसूची में प्रत्येक राज्य से निर्वाचित होने वाले सदस्यों की संख्या निर्धारित कर दी गई है। अतः कथन (3) असत्य है।
राज्य सभा के सदस्यों को 6 वर्ष के लिये निर्वाचित किया जाता है। राज्य सभा के सभी सदस्य एक साथ अपना कार्यकाल पूरा नहीं करते। प्रत्येक दो वर्ष पर राज्य सभा के एक-तिहाई सदस्य सेवा सेवानिवृत होते हैं इसलिए राज्य सभा एक स्थायी सदन है। अतः कथन (4) व (5) भी असत्य हैं।


प्रश्न 4:- निम्नलिखित कथनों पर विचार करें-
1. राज्य सभा कभी भंग नहीं होती, यह संसद का स्थायी सदन है।
2. जब लोक सभा भंग होती है, तब राज्य सभा की बैठक भी नहीं बुलाई जा सकती।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (a)
व्याख्याः राज्य सभा कभी पूरी तरह से भंग नहीं होती है। यह #संसद का स्थायी सदन है। जब लोक सभा भंग होती है और चुनाव होने बाकी होते हैं तब राज्य सभा की बैठक बुलाई जा सकती है और ज़रूरी मामलों को निपटाया जा सकता है।


प्रश्न 5:- लोक सभा के सन्दर्भ में निम्नलिखित कथनों में सत्य कथन है/हैं?
1. लोक सभा के सदस्यों को प्रत्यक्ष निर्वाचन पद्धति के माध्यम से चुना जाता है।
2. प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के द्वारा एक प्रतिनिधि को चुना जाता है।
3. प्रत्येक व्यक्ति के मत का मूल्य अन्य व्यक्तियों के मूल्य से भिन्न होता है।
4. लोक सभा के सदस्यों को 5 वर्ष के लिये चुना जाता है।
कूटः
A) केवल 1, 2 और 4
B) केवल 3 और 4
C) केवल 1, 2 और 3
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः (a)
व्याख्याः संविधान के #अनुच्छेद81 में लोक सभा की संरचना के सम्बन्ध में उपबंध है और अनुच्छेद 170 में राज्य विधान सभाओं के संबंध में। लोक सभा और राज्यों की विधानसभाओं के सदस्यों को प्रत्यक्ष निर्वाचन के माध्यम से चुना जाता है। चुनावों के दौरान राज्यों को लगभग समान जनसंख्या वाले निर्वाचन क्षेत्रों में बाँट दिया जाता है। प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से सार्वभौमिक मताधिकार द्वारा एक प्रतिनिधि चुना जाता है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति के मत का मूल्य दूसरे व्यक्ति के मत के मूल्य के बराबर होता है। 1971 से लोक सभा के 543 निर्वाचन क्षेत्र हैं। लोक सभा के लिए सदस्यों को 5 वर्ष के लिये चुना जाता है। लेकिन सदन में बहुमत या विश्वास मत प्राप्त न होने पर इसे समय पूर्व भी भंग किया जा सकता है।


प्रश्न 6:- संसद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. संसद पूरे देश या देश के किसी भी भाग के लिये कानून बना सकती है।
2. कोई भी महत्त्वपूर्ण विधेयक बिना मंत्रिमण्डल की स्वीकृति के संसद में पेश ही नहीं किया जा सकता।
3. संसद कार्यपालिका को उसके अधिकार क्षेत्र में सीमित रखने तथा जनता के प्रति उसके उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करती है।
4. लोकतंत्र में संसद कराधान तथा सरकार द्वारा धन के प्रयोग पर नियंत्रण रखती है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं-
A) केवल 1 और 2
B) केवल 1, 3 और 4
C) केवल 1, 2 और 4
D) उपरोक्त सभी।

उत्तरः (d)
व्याख्याः संसद पूरे देश या देश के किसी हिस्से के लिये कानून बना सकती है। #कानून बनाने वाली सर्वोच्च संस्था होने के बावजूद संसद प्रायः कानूनों को केवल स्वीकृति देने मात्र का काम करती है। विधेयक को तैयार करने का वास्तविक काम तो किसी मंत्री के निर्देशन में नौकरशाही करती है। विधेयक का उद्देश्य और संसद में उसे प्रस्तुत करने का समय मंत्रिमण्डल तय करता है। कोई भी महत्त्वपूर्ण विधेयक मंत्रिमण्डल की स्वीकृति के बिना संसद में पेश ही नहीं किया जाता। संसद के अन्य निजी सदस्य भी कोई विधेयक प्रस्तुत कर सकते हैं, पर बिना समर्थन के ऐसे विधेयकों का पास होना सम्भव नहीं है। संसद कार्यपालिका को उसके अधिकार क्षेत्र में सीमित रखने तथा जनता के प्रति उसका उत्तरदायित्व सुनिश्चित करती है। लोकतंत्र में संसद कराधान तथा सरकार द्वारा धन के प्रयोग पर नियंत्रण रखती है। यदि भारत सरकार कोई प्रस्ताव लाए तो उसे संसद की स्वीकृति लेनी पड़ती है। संसद की वित्तीय शक्तियाँ उसे सरकारी कार्यों के लिये धन उपलब्ध कराने का अधिकार देती हैं। सरकार को खर्च किये गए धन का हिसाब तथा प्रस्तावित आय का विवरण संसद को देना पड़ता है। संसद यह भी सुनिश्चित करती है कि धन का दुरुपयोग न हो।


प्रश्न 7:- लोक सभा की शक्तियों में शामिल है/हैं?
1. संघ सूची और समवर्ती सूची के विषयों पर कानून बनाती है।
2. धन विधेयक और सामान्य विधेयकों को प्रस्तुत व पारित करती है।
3. आपातकाल की घोषणा को स्वीकृति देती है।
4. समिति व आयोगों का गठन करती है और उनके प्रतिवेदनों पर विचार करती है।
कूटः
A) केवल 1 और 2
B) केवल 1, 3 और 4
C) केवल 3 और 4
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः (d)
व्याख्याः उपर्युक्त #शक्तियों के अलावा लोकसभा की अन्य शक्तियाँ निम्न हैः
कर प्रस्ताव, बजट और वार्षिक वित्तीय वक्तव्यों को स्वीकृति देती है।
प्रश्न पूछकर, पूरक प्रश्न पूछकर, प्रस्ताव लाकर और अविश्वास प्रस्ताव के माध्यम से कार्यपालिका को नियंत्रित करती है।
संविधान में संशोधन करती है।
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का चुनाव करती है।
सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटा सकती है।


प्रश्न 8:- राज्य सभा की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें-
1. सामान्य विधेयकों पर विचार कर उन्हें पारित करती है और धन विधेयकों में संशोधन प्रस्तावित करती है।
2. संवैधानिक संशोधनों को पारित करती है।
3. उपराष्ट्रपति को हटाने का प्रस्ताव केवल इसी सदन में लाया जा सकता है।
4. यह संसद को राज्य सूची के विषयों पर कानून बनाने का अधिकार दे सकती है।
उपरोक्त में से इसकी शक्तियों में शामिल है/हैं-
A) केवल 3
B) केवल 1 और 3
C) केवल 1, 2 और 3
D) उपरोक्त सभी।

उत्तरः (d)
व्याख्याः उपर्युक्त शक्तियों के अलावा #राज्यसभा की अन्य शक्तियाँ हैं:
प्रश्न पूछकर तथा संकल्प एवं प्रस्ताव प्रस्तुत कर कार्यपालिका पर नियंत्रण करती है।
राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति के चुनाव में शामिल होती है,
सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटा सकती है।


प्रश्न 9:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. यदि केन्द्र सरकार राज्य सूची के किसी विषय को राष्ट्र हित में, संघीय सूची या समवर्ती सूची में हस्तांतरित करना चाहे, तो उसमें राज्य सभा की स्वीकृति आवश्यक है।
2. धन विधेयक को सिर्फ लोक सभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है। वही उसे संशोधित या अस्वीकृत कर सकता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 व 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः #संविधान_की_7वीं अनुसूची में संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची का प्रावधान है। संघ सूची में संघ, राज्य सूची में राज्य एवं समवर्ती सूची में संघ और राज्य दोनों विधि बना सकते हैं। राज्य सूची के किसी विषय को राष्ट्रहित में संघ सूची या समवर्ती सूची में हस्तांतरित करना चाहे तो, उसमें राज्यसभा की स्वीकृति आवश्यक है।
संविधान के अनुच्छेद-109 के तहत धन विधयेक को केवल लोक सभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है। लोकसभा उसे संशोधित या अस्वीकृत कर सकती है।


प्रश्न 10:- निम्नलिखित कथनों पर विचार करें-
1. कानून बनाना केवल एक विधायी प्रक्रिया ही नहीं,बल्कि राजनीतिक प्रक्रिया भी है।
2. मंत्री के अतिरिक्त कोई और सदस्य विधेयक पेश करे तो ऐसे विधेयक को ‘निजी विधेयक’ कहते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः कानून बनाना केवल एक विधायी प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि #राजनीतिक प्रक्रिया भी है क्योंकि अनेक हित-समूह, मीडिया और नागरिक संगठन भी किसी विधेयक को लाने के लिये सरकार पर दबाव डाल सकते हैं। मंत्री के अतिरिक्त कोई सदस्य विधेयक पेश करे तो ऐसे विधेयक को ‘निजी सदस्यों का विधेयक’ कहते हैं। मंत्री के द्वारा प्रस्तुत विधेयक को सरकारी विधेयक कहते हैं। विधेयक जिस मंत्रालय से सम्बद्ध होता है, वही मंत्रालय उसका प्रारूप बनाता है। लोक सभा या राज्य सभा में कोई भी सदस्य इस विधेयक को पेश कर सकता है (जिस विषय का विधेयक हो उस विषय से जुड़ा मंत्री ही अकसर विधेयक पेश करता है)। किसी धन विधेयक को सिर्फ लोक सभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है। लोक सभा में पारित होने के बाद उसे राज्य सभा में भेजा जा सकता है।


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