सामाजिक विज्ञान/राजव्यवस्था – कक्षा 11 – Ncert अध्याय 3 – चुनाव और प्रतिनिधित्व : Political Science/Constitution/Indian Polity NCERT Based Questions Part 7 For UPSC, IAS, RAS, State PCS

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In this post we are going to share  सामाजिक विज्ञान/राजव्यवस्था – कक्षा 11 – Ncert अध्याय 3 – चुनाव और प्रतिनिधित्व , Political Science/Constitution/Indian Polity NCERT Based Questions Part 7. These Questions are important For UPSC, IAS, RAS, RPSC, UPPSC, ,MPPSC, BPSC, Other State PCS. This Practice set have Multiple choice questions, which are from Indian Polity/Indian Constitution Subject. These Indian Polity/Indian Constitution Questions are made on the basis of previously asked questions in UPSC, IAS, RAS, UPPSC, MPPSC, BPSC, and Other PSC exams.

Indian Polity/Indian Constitution/Political Science Questions in Hindi


प्रश्न 1:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. लोकसभा तथा विधानसभा की चुनाव प्रक्रिया हेतु फर्स्ट-पास्ट-द पोस्ट सिस्टम को अपनाया गया है।
2. फर्स्ट-पास्ट-द पोस्ट सिस्टम में अन्य प्रत्याशियों की तुलना में जिसे अधिक वोट प्राप्त होते हैं (मतों का बहुमत प्राप्त होता है) उसे ही विजयी घोषित किया जाता है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (d)
व्याख्याः दिये गए दोनों कथन सत्य हैं। #भारतीय_संविधान में लोक सभा एवं राज्यों के विधान सभाओं के चुनाव प्रक्रिया हेतु फर्स्ट-पास्ट-द पोस्ट सिस्टम को स्वीकार किया गया है। इस सिस्टम में जिस प्रत्याशी को अन्य प्रत्याशी की तुलना में अधिक वोट प्राप्त होते हैं उसे ही विजयी घोषित किया जाता है।


प्रश्न 2:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में किसी पार्टी को उतनी ही प्रतिशत सीटें प्राप्त होती हैं जितने प्रतिशत उसे वोट मिलते हैं।
2. समानुपातिक प्रतिनिधित्व के तीन प्रकार होते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (a)
व्याख्याः
विकल्प (a) सत्य है। #समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली में किसी पार्टी को उतनी ही प्रतिशत सीटें प्राप्त होती हैं जितने प्रतिशत उसे वोट मिलते हैं।
विकल्प (b) असत्य है। समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के दो प्रकार होते हैं-
1 – पूरे देश को एक निर्वाचन क्षेत्र माना जाता है और प्रत्येक पार्टी को राष्ट्रीय चुनावों में प्राप्त वोटों के अनुपात में सीटें दे दी जाती हैं। उदाहरण- इज़राइल व नीदरलैण्ड।
2 – इसमें पूरे देश को बहु-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों में बाँट दिया जाता है। प्रत्येक पार्टी प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिये अपने प्रत्याशियों की एक सूची जारी करती है जिसमें उतने ही नाम होते हैं जितने प्रत्याशियों को उस निर्वाचन क्षेत्र से चुना जाना होता है। उदाहरण- अर्जेंटीना व पुर्तगाल इन दोनों ही रूपों में मतदाता प्रत्याशियों को वोट न देकर राजनीतिक दलों को वोट देते हैं।


प्रश्न 3:- समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. इसमें राजनीतिक दल को प्राप्त मत के अनुपात में सीटों का आवंटन होता है।
2. मतदाता राजनीतिक दल को मत देते हैं, उसके प्रत्याशी को नहीं।
3. भारत में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्य सभा और राज्यों के विधानसभा का चुनाव इसी प्रणाली के आधार पर होता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
कूटः
A) केवल 1
B) केवल 1 और 2
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3

उत्तर (b)
व्याख्याः उपर्युक्त में से कथन (3) गलत है।
भारत में #समानुपातिकप्रतिनिधित्वप्रणाली के आधार पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, राज्य सभा और विधान परिषद (न कि विधान सभा) का चुनाव होता है।
इस प्रणली में किसी राजनीतिक दल को उतनी ही सीटें मिलती है जिस अनुपात/प्रतिशत में उसे मत प्राप्त होता है।
इस प्रणाली में मतदाता राजनीतिक दल को मत देते है, न कि उसके प्रत्याशी को। निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि वास्तव में राजनीतिक दल के प्रतिनिधि होते है।
ये प्रणाली दो प्रकार के होती हैः
(i) पूरे देश को एक निर्वाचन क्षेत्र मानना, जैसे, इज़राइल व नीदरलैंड।
(ii) पूरे देश को बहु-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र में बांटना, जैसे, अर्जेंटीना और पुर्त्तगाल।
एक निर्वाचन क्षेत्र से कई प्रतिनिधि चुने जा सकते है।
विजयी उम्मीदवार को मत का बहुमत (50% + 1) प्राप्त करना आवश्यक है।


प्रश्न 4:- भारत में आरक्षण के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. समुचित प्रतिनिधित्व देने के लिये आरक्षण की व्यवस्था आवश्यक है।
2. संविधान अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिये लोक सभा और राज्य की विधान सभाओं में आरक्षण की व्यवस्था करता है।
3. प्रारम्भ में संविधान में आरक्षण को 10 वर्ष के लिये लागू किया गया था जिसे संवैधानिक संशोधनों द्वारा बाद में बढ़ाकर 2020 तक कर दिया गया है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन संशोधनों द्वारा सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 1 और 3
C) केवल 1 और 2
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः (d)
व्याख्याः #संविधान के अनुच्छेद-330 के तहत लोकसभा और संविधान के अनुच्छेद-332 के तहत राज्य के विधानसभाओं में अनुसूचित जाति व जनजातियों के आरक्षण के संबंध में प्रावधान है।
प्रारंभ में संविधान में आरक्षण का प्रावधान 10 वर्षों के लिये किया गया था, किन्तु 95वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2009 के द्वारा इसकी अवधि बढ़ाकर वर्ष 2020 कर दिया गया है।
वर्तमान में लोकसभा की 543 निर्वाचित सीटों में 84 अनुसूचित जाति और 47 अनुसूचित जनजाति के लिये सीटें आरक्षित हैं।


प्रश्न 5:- परिसीमन आयोग के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य नहीं है/हैं?
1. इसके द्वारा निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा का निर्धारण किया जाता है।
2. इस आयोग का गठन राष्ट्रपति के द्वारा किया जाता है।
3. यह एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संस्था होती है।
कूटः
A) केवल 1 और 3
B) केवल 2 और 3
C) केवल 3
D) उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तरः (d)
व्याख्याः #परिसीमन_आयोग का गठन पूरे देश में निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा खींचने के लिये किया जाता है। इसका गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। यह एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष संस्था है। ये चुनाव आयोग के साथ मिलकर काम करती है। प्रत्येक राज्य में आरक्षण के लिये निर्वाचन क्षेत्रों का एक कोटा होता है जो उस राज्य में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की संख्या के अनुपात में होता है। परिसीमन के बाद परिसीमन आयोग प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में जनसंख्या की संरचना देखता है।
पहले परिसीमन आयोग का गठन संसद द्वारा 1952 में किया गया है। वर्तमान परिसीमन आयोग का गठन 2002 में किया गया। 87वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 के द्वारा निर्वाचन क्षेत्र का परिसीमन जनगणना, 2001 के आधार पर करने के लिये कहा गया।


प्रश्न 6:- निर्वाचन आयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये-
1. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 में निर्वाचन आयोग के गठन की बात कही गई है।
2. निर्वाचन आयोग पाँच सदस्यीय संस्था है।
3. निर्वाचन आयोग की सहायता के लिये प्रत्येक राज्य में एक निर्वाचन अधिकारी होता है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1 और 3
B) केवल 1 और 2
C) केवल 2 और 3
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः (a)
व्याख्याः केवल कथन 1 और 3 सत्य है। संविधान में #अनुच्छेद324 के अनुसार निर्वाचन के लिये मतदाता सूची तैयार करने और चुनाव के संचालन का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण का अधिकार एक स्वतंत्र निर्वाचन आयोग को है। संविधान द्वारा निर्वाचन आयोग को चुनावों से सम्बन्धित हर बात पर अन्तिम निर्णय करने की भूमिका सौंपी गई है। निर्वाचन आयोग में तीन सदस्य हैं- मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं दो अन्य आयुक्त। भारत के निर्वाचन आयोग की सहायता करने के लिये प्रत्येक राज्य में एक मुख्य निर्वाचन अधिकारी होता है।


प्रश्न 7:- स्थानीय निकायों के चुनावों को कौन सम्पन्न करवाता है?
A) भारत का निर्वाचन आयोग
B) राज्य निर्वाचन आयोग
C) स्थानीय निर्वाचन अधिकारी
D) मुख्य निर्वाचन अधिकारी

उत्तरः (b)
व्याख्याः #संविधानकेअनुच्छेद-243K और अनुच्छेद-243ZA के तहत स्थानीय निकायों का चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा कराया जाता है।


प्रश्न 8:- भारत के निर्वाचन आयुक्त/आयुक्तों को किसके द्वारा हटाया जा सकता है?
A) राष्ट्रपति
B) प्रधानमंत्री
C) लोक सभा
D) राज्य सभा

उत्तरः (a)
व्याख्याः संविधान #मुख्यनिर्वाचनआयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों के कार्यकाल को सुरक्षा देता है उन्हें 6 वर्षों के लिये अथवा 65 वर्ष की उम्र तक (जो पहले खत्म हो) के लिये नियुक्त किया जाता है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त को कार्यकाल समाप्त होने के पूर्व राष्ट्रपति द्वारा हटाया जा सकता है, पर इसके लिये संसद के दोनों सदनों को इस संदर्भ में प्रस्ताव को विशेष बहुमत (उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत या सदन की कुल सदस्य संख्या का साधारण बहुमत) से पारित कर इस आशय का एक प्रतिवेदन राष्ट्रपति को भेजना होगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते ही निर्वाचन आयुक्त को अपने पद से हटा हुआ माना जाएगा।


प्रश्न 9:- निर्वाचन आयोग के कार्यों के सन्दर्भ में निम्नलिखित पर विचार करें-
1. मतदाता सूचियाँ बनाना
2. आचार संहिता लागू करवाना
3. मतदान तथा मतगणना की तिथि घोषित करना
4. चुनाव परिणामों की घोषणा करना
5. चुनावों की अधिघोषणा करना।
उपरोक्त में से कौन-से निर्वाचन आयोग के कार्यों में शामिल हैं?
A) केवल 1, 3 और 4
B) केवल 1 और 2
C) केवल 1, 2 और 5
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः (d)
व्याख्याः उपर्युक्त कार्यों के अलावा #निर्वाचन आयोग का अन्य कार्य हैं –
राजनीतिक दलों को मान्यता देना
उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित करना


प्रश्न 10:- कथन (A): निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिये निर्णय लेने का अधिकार है।
कारण (R): निर्वाचन आयोग पूरे देश, किसी राज्य या किसी निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव ठीक से न होने पर चुनावों को स्थगित या रद्द कर सकता है।
A) A और R दोनों सत्य हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता है।
C) A सही है, जबकि R गलत है।
D) A गलत है, जबकि R सही है।

उत्तरः (b)
व्याख्याः #कथन और कारण दोनों सत्य हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।


प्रश्न 11:- कथन (A): चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग राज्य और केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकारियों का तबादला कर सकता है या रोक भी सकता है।
कारण (R): चुनाव प्रशासनिक अधिकारियों की मदद से सम्पन्न करवाया जाता है, इस दौरान आयोग का प्रशासनिक अधिकारियों पर पूर्ण नियंत्रण होता है।
A) A और R दोनों सत्य हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है।
B) A और R दोनों सही हैं लेकिन R, A की सही व्याख्या नहीं करता है।
C) A सही है, जबकि R गलत है।
D) A गलत है, जबकि R सही है।

उत्तरः (a)
व्याख्याः #निर्वाचनआयोग के पास सीमित कर्मचारी होते हैं। वह प्रशासनिक मशीनरी की मदद से चुनाव सम्पन्न करवाता है। चुनाव सम्पन्न होने तक निर्वाचन आयोग का पूरी मशीनरी पर पूर्ण नियंत्रण होता है। यदि प्रशासनिक अधिकारी निष्पक्ष ढंग से काम करने में विफल होते हैं तो वह उनके विरुद्ध कार्यवाही कर सकता है। वह अधिकारियों का तबादला कर सकता है तथा रोक भी सकता है।

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