सामाजिक विज्ञान/राजव्यवस्था – कक्षा 11 – Ncert अध्याय 2 -भारतीय संविधान में अधिकार – पार्ट 1 : Political Science/Constitution/Indian Polity NCERT Based Questions Part 5 For UPSC, IAS, RAS, State PCS

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Indian Polity/Indian Constitution/Political Science Questions in Hindi


प्रश्न 1:- निम्नलिखित कथनों पर ध्यानपूर्वक विचार करें-
1. 1928 में ‘मोतीलाल नेहरू समिति’ ने ‘अधिकारों के एक घोषणापत्र’ की माँग उठाई थी।
2. स्वतंत्रता के बाद संविधान निर्माण के दौरान संविधान में अधिकारों का समावेश करने और उन्हें सुरक्षित करने पर सभी की राय अलग-अलग थी।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (a)
व्याख्याः #स्वतंत्रता के बाद संविधान निर्माण के दौरान संविधान में अधिकारों का समावेश करने और उन्हें सुरक्षित करने पर सभी की राय एक ही थी।


प्रश्न 2:- समता के अधिकार के अंतर्गत कौन-कौन शामिल नहीं हैं?
1. कानून के समक्ष समानता
2. धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध
3. रोजगार के अवसरों में समानता
4. छूआछूत का अंत
5. उपाधियों का अंत
कूटः
A) केवल 1, 2 और 5
B) केवल 2, 4 और 5
C) केवल 4 और 5
D) उपरोक्त में से कोई नहीं।

उत्तरः (d)
व्याख्याः #अनुच्छेद 14-18 के अंतर्गत समता के अधिकार में सभी विकल्प शामिल हैं। कानून के समक्ष समानता-(अनुच्छेद 14), मूलवंश, धर्म, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव का निषेध (अनुच्छेद 15), रोजगार में अवसर की समानता (अनुच्छेद 16), छूआछूत का अंत (अनुच्छेद 17) व उपाधियों का अंत- (अनुच्छेद 18)।


प्रश्न 3:- अपराधों के लिये दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण का अधिकार हमें किस अनुच्छेद के अंतर्गत प्राप्त हुआ है?
A) अनुच्छेद 20
B) अनुच्छेद 19(4)
C) अनुच्छेद 21
D) अनुच्छेद 22

उत्तरः (a)
व्याख्याः #भारतीय_संविधान में अनुच्छेद 20 के अतंर्गत अपराधों के लिये दोष सिद्धि के संबंध में संरक्षण का अधिकार दिया गया है।


प्रश्न 4:- निम्नलिखित युग्मों को सुमेलित कीजिये-
A. अभियुक्तों और सजा पाए लोगों के अधिकार 1. अनुच्छेद 19 (B)
B. शिक्षा का अधिकार 2. अनुच्छेद 22
C. शांति पूर्ण ढंग से जमा होने का अधिकार 3. अनुच्छेद 21 (A)
D. होने का अधिकार व्यापार करने का अधिकार 4. अनुच्छेद 19 (G)
कूटः A B C D
A) 2 3 1 4
B) 3 2 1 4
C) 2 3 4 1
D) 3 2 4 1

उत्तरः (a)
व्याख्या :
#अभियुक्तों और सज़ा पाये लोगों के अधिकार : अनुच्छेद- 22
शिक्षा का अधिकार : अनुच्छेद 21(A)
शांतिपूर्ण ढंग से जमा होने का अधिकार : अनुच्छेद 19 (B)
कोई भी पेशा चुनने एवं व्यापार करने का अधिकार : अनुच्छेद – 19(G)


प्रश्न 5:- निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद मानव के दुर्व्यापार और बंधुआ मजदूरी पर रोक से संबंधित है?
A) अनुच्छेद 22
B) अनुच्छेद 23(1)
C) अनुच्छेद 23(2)
D) अनुच्छेद 24

उत्तरः (b)
व्याख्याः
#अनुच्छेद22- अभियुक्तों व सजा पाए लोगों का अधिकार
अनुच्छेद 23 (1)- मानव दुर्व्यापार और बंधुआ मजदूरी पर रोक
अनुच्छेद 23 (2)- इस अनुच्छेद की कोई बात राज्य को सार्वजनिक प्रयोजनों के लिये अनिवार्य सेवा अधिरोपित करने से निवारित नहीं करेगी। ऐसी सेवा अधिरोपित करने में राज्य केवल धर्म, मूलवंश, जाति या वर्ग या इनमें से किसी के आधार पर कोई विभेद नहीं करेगा।
अनुच्छेद 24- कारखानों आदि में बालकों के नियोजन का प्रतिबंध।


प्रश्न 6:- धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्गत शामिल है/हैं?
1. आस्था और प्रार्थना की आजादी।
2. धार्मिक मामलों के प्रबंधन।
3. किसी विशिष्ट धर्म की अभिवृद्धि के लिये कर अदायगी से स्वतंत्रता।
4. कुछ शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा या उपासना में उपस्थित होने की स्वतंत्रता।
कूटः
A) केवल 1 और 2
B) केवल 1, 2 और 4
C) केवल 1, 2 और 3
D) उपर्युक्त सभी।

उत्तरः (d)
व्याख्याः उपरोक्त दिये गए सभी विकल्प #धार्मिक_स्वतंत्रता के अधिकार के अतर्गत शामिल हैं-
आस्था और प्रार्थना की आजादी – अनुच्छेद 25
धार्मिक मामलों के प्रबंधन किसी विशिष्ट धर्म की अभिवृद्धि के – अनुच्छेद 26
लिये कर अदायगी से स्वतंत्रता – अनुच्छेद 27
कुछ शिक्षा संस्थाओं में धार्मिक शिक्षा या उपासना में उपस्थित होने की स्वतंत्रता – अनुच्छेद 28


प्रश्न 7:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।
1. अनुच्छेद 29 के अंतर्गत अल्पसंख्यकों को भाषा और संस्कृति के संरक्षण का अधिकार प्राप्त है।
2. अल्पसंख्यकों को शैक्षिक संस्थाएँ स्थापित करने का अधिकार अनुच्छेद 30 के अंतर्गत दिया गया है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः दोनों कथन सत्य हैं। #संस्कृतिएवंशिक्षा संबंधी अधिकार (अनुचछेद- 29-30)
अनुच्छेद 29 (1): अल्पसंख्यक वर्गों के हितों के संरक्षण का उपबंध है। इस अनुच्छेद के तहत अल्पसंख्यक वर्गों को अपनी भाषा, लिपि या संस्कृति बनाये रखने का अधिकार है।
अनुच्छेद 30: शिक्षण संस्थाओं की स्थापना और प्रशासन करने का अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकार के संबंध में उपबंध है।


प्रश्न 8:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।
1. मौलिक अधिकार निरंकुश या असीमित होते हैं।
2. सरकार मौलिक अधिकारों पर किसी भी प्रकार का प्रतिबंध नहीं लगा सकती।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (d)
व्याख्याः दिये गए दोनों कथन असत्य हैं। मौलिक #अधिकार_निरंकुश या असीमित अधिकार नहीं हैं। सरकार मौलिक अधिकारों के प्रयोग पर ‘औचित्यपूर्ण’ प्रतिबंध लगा सकती है। मौलिक अधिकारों के हनन को रोकने की शक्ति और इसका उत्तरदायित्व न्यायपालिका के पास है। विधायिका या कार्यपालिका के किसी कार्य या निर्णय से यदि मौलिक अधिकारों का हनन होता है या उन पर अनुचित प्रतिबंध लगाया जाता है तो न्यायपालिका उसे अवैध घोषित कर सकती है।


प्रश्न 9:- समता के अधिकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें-
1. धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमें से किसी भी आधार पर सार्वजनिक स्थलों में प्रवेश में कोई भेदभाव नहीं हो सकता।
2. समता के अधिकार के अंतर्गत ही छूआछूत का निषेध एवं उपाधियों का अन्त किया गया है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः दिये गए दोनों कथन सत्य हैं।
#समता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18):
अनुच्छेद-15 : इस अनुच्छेद में उपबंध है कि राज्य केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, या जन्म-स्थान या इनमें से किसी भी आधार पर सार्वजनिक स्थलों में प्रवेश से कोई भेदभाव नहीं करेगा।
अनुच्छेद-17 : अस्पृश्यता (छुआछूत) का अन्त।
अनुच्छेद-18 : उपाधियों की समाप्ति।
अनुच्छेद-14 : विधि के समक्ष समानता।


प्रश्न 10:-नियुक्तियों या पदों में आरक्षण का प्रावधान निम्न में से किस अनुच्छेद के अंतर्गत किया गया है?
A) अनुच्छेद 16 (2)
B) अनुच्छेद 16 (4)
C) अनुच्छेद 15 (3)
D) अनुच्छेद 15 (2)

उत्तरः (b)
व्याख्याः
#अनुच्छेद16 (2)- राज्य के अधीन किसी नियोजन या पद के संबंध में केवल धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, उद्भव, जन्मस्थान, निवास या इनमें से किसी के आधार पर न तो कोई नागरिक अपात्र होगा और न उससे विभेद किया जाएगा।
अनुच्छेद 16 (4)- इस अनुच्छेद की कोई बात राज्य को पिछड़े हुए नागरिकों के किसी वर्ग के पक्ष में जिनका प्रतिनिधित्व राज्य की राय में राज्य के अधीन सेवाओं में पर्याप्त नहीं है, नियुक्तियों या पदों के आरक्षण के लिये उपबन्ध करने से निवारित नहीं करेगी।
अनुच्छेद 15 (3)- इस अनुच्छेद की कोई बात राज्य की स्त्रियों और बालकों के लिये कोई विशेष उपबन्ध करने से निवारित नहीं करेगी।
अनुच्छेद 15 (2)- इस अनुच्छेद में राज्य के साथ-साथ प्राइवेट व्यक्तियों को भी आदेश दिया गया है कि कोई भी नागरिक केवल धर्म, मूलवंश (Race) जाति, लिंग, जन्मस्थान या इनमें से किसी आधार पर किसी भी सार्वजनिक स्थान में प्रवेश के संबंध में निर्योग्यताओं के अधीन नहीं होगा।


प्रश्न 11:- निवारक निरोध कानून के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये।
1. प्रत्यक्ष रूप से निवारक निरोध कानून सरकार के हाथ में असामाजिक तत्त्वों और राष्ट्रविरोधी तत्त्वों से निपटने का हथियार है।
2. इसमें कभी-कभी किसी व्यक्ति को आशंका के आधार पर भी गिरफ्तार किया जा सकता है, इस आधार पर कि वह कोई गैर-कानूनी कार्य करने वाला है और फिर उसे वर्णित प्रक्रिया के बिना ही कुछ समय के लिये जेल भेजा जा सकता है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः #अनुच्छेद_22 : यह अनुच्छेद कुछ दशाओं में गिरफ्तारी एवं निरोध से संरक्षण प्रदान करता है, किन्त, निवारक निरोध विधि के तहत किसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा सकता है।
निवारक निरोध कानून सरकार को असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्त्वों से निपटने का एक हथियार सौंपता है, किन्तु कभी-कभी इसके दुरुपयोग के मामले भी सामने आए हैं।
निवारक निरोध विधि (निवारक नज़रबंदी) के तहत कभी-कभी किसी व्यक्ति को आशंका के आधार पर गिरफ्तार किया जा सकता है। यदि सरकार को लगे कि कोई व्यक्ति देश की कानून व्यवस्था या शांति और सुरक्षा के लिये खतरा बन सकता है तो उसे बंदी बना सकती है। निवारक निरोध के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम तीन महीने तक बंदी बनाया जा सकता है। तीन माह से अधिक के लिये ऐसे मामले समीक्षा के लिये एक सलाहकार बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किये जाते हैं।


प्रश्न 12:- ‘अपराधों के लिये दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण’ के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
1. किसी भी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिये एक बार से ज़्यादा सज़ा नहीं मिलेगी।
2. कोई भी कानून किसी भी कार्य को पिछली तारीख से अपराध घोषित नहीं कर सकेगा।
3. किसी भी व्यक्ति को अपने ही विरूद्ध गवाही देने हेतु बाध्य नहीं किया जा सकता।
कूटः
A) केवल 1
B) केवल 1 और 3
C) केवल 2 और 3
D) उपर्युक्त सभी।

उत्तरः (d)
व्याख्याः दिये गए सभी कथन अनुच्छेद-20 ‘#अपराधों के लिये दोष-सिद्धि के संबंध में संरक्षण’ के अंतर्गत शामिल हैं।


प्रश्न 13:- निम्नलिखित में से किन-किन परिस्थितियों में स्वतंत्रता के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाये जा सकते हैं-
1. शहर में सांप्रदायिक दंगों के बाद सर्वधर्म के लोग शांति मार्च के लिये एकत्र हुए हैं।
2. दलितों को मंदिर में प्रवेश की मनाही है। मंदिर में जबर्दस्ती प्रवेश के लिये एक जुलूस का आयोजन किया जा रहा है।
3. सैकड़ों आदिवासियों द्वारा सड़क जामकर कारखाने हेतु उनकी ली गई ज़मीन की वापसी की माँग की जा रही है।
4. किसी जाति की पंचायत की बैठक यह तय करने के लिये बुलाई गई कि जाति से बाहर विवाह करने के लिये एक नवदम्पति को क्या दंड दिया जाए?
कूटः
A) केवल 1 और 4
B) केवल 2, 3 और 4
C) केवल 1, 2 और 4
D) उपरोक्त सभी।

उत्तरः (b)
व्याख्याः शहर में #साम्प्रदायिक_दंगों के बाद यदि सर्वधर्म के लोग एकत्रित होकर शांति मार्च निकाल रहे हैं तो इन पर रोक नहीं लगायी जा सकती। दलितों द्वारा मंदिर में प्रवेश करने हेतु जुलूस निकालने, आदिवासियों द्वारा सड़क जाम करने और जाति पंचायतों द्वारा बुलाई गई बैठकों के आयोजन पर स्वतंत्रता के अधिकारों के आधार पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है क्योंकि किसी भी व्यक्ति के स्वतंत्रता के अधिकार उस सीमा तक प्रभावी होते हैं जहाँ तक कि वे किसी और की स्वतंत्रता को प्रभावित न करे। कथन (2) व (3) की स्थितियों में लोग स्वयं कोई कार्यवाही करने से बचते हुए कानून/न्यायालय का सहारा ले सकते हैं। वहीं कथन (4) की स्थिति के संदर्भ में देखा जाए तो सर्वोच्च न्यायालय ने स्वयं अर्न्तजातीय विवाहों के पक्ष में निर्णय देते हुए विवाह को व्यक्ति के निजी निर्णयों में शामिल माना है, जिनमें किसी भी व्यक्ति/पंचायत को दखल नहीं देनी चाहिये, यदि कोई ऐसा करता भी है तो पीड़ित व्यक्ति मूल अधिकारों के उल्लंघन के संदर्भ में न्यायालय की शरण में जा सकता है। अर्न्तजातीय विवाहों को सरकार व विधियों के माध्यम से भी प्रोत्साहन दिया जाता है।


प्रश्न 14:- निम्नलिखित कथनों पर विचार करें-
1. संविधान के अनुसार 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी कारखाने, खदानों या अन्य किसी जोखिमयुक्त कामों में नियोजित नहीं किया जा सकता।
2. संविधान द्वारा बाल श्रम को अवैध घोषित करने व शिक्षा को बच्चों का मौलिक अधिकार बना देने से ‘शोषण के विरूद्ध अधिकार’ और अर्थपूर्ण बन गया है।
उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (b)
व्याख्याः #शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद-23-24)
अनुच्छेद-24 : इस अनुच्छेद में उपबंध है कि 14 वर्ष से कम (न कि 12 वर्ष से कम) आयु के किसी बालक को किसी कारखाने या खान में काम करने के लिये नियोजन नहीं किया जाएगा।
अनुच्छेद-21(A) : 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 के द्वारा शिक्षा के अधिकार को मूल अधिकार घोषित किया गया और इसे संविधान के अनुच्छेद-21(A) में शामिल किया गया है।
इस प्रकार बाल-श्रम को अवैध घोषित करने और शिक्षा को बच्चों का मौलिक अधिकार बना देने से शोषण के विरुद्ध अधिकार और अर्थपूर्ण बन गया है।


प्रश्न 15:- धार्मिक स्वतंत्रता के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें-
1. भारत में प्रत्येक व्यक्ति को धर्म को मानने या किसी भी धर्म को न मानने की स्वतंत्रता प्राप्त है।
2. धार्मिक स्वतंत्रता में अन्तःकरण की स्वतंत्रता भी समाहित है अर्थात् कोई भी व्यक्ति किसी भी धर्म को चुन सकता है या यह भी निर्णय ले सकता है कि वह किस धर्म को नहीं मानेगा।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (d)
व्याख्याः दिये गए दोनों ही कथन सत्य हैं। संविधान के #अनुच्छेद25 से 28 तक धार्मिक स्वतंत्रता के संबंध में उपबन्ध है।

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