सामाजिक विज्ञान/राजव्यवस्था – कक्षा 11 – Ncert अध्याय_9 — संविधान – एक जीवंत दस्तावेज, अध्याय_10 — संविधान_का राजनीतिक दर्शन : Political Science/Constitution/Indian Polity NCERT Based Questions Part 11 For UPSC, IAS, RAS, State PCS

Indian Polity Quiz 11, Indian Polity/Constitution Questions for IAS RAS SSC STATE PCS



In this post we are going to share सामाजिक विज्ञान/राजव्यवस्था – कक्षा 11 – Ncert  अध्याय_9 — संविधान – एक जीवंत दस्तावेज,  अध्याय_10 — संविधान_का राजनीतिक दर्शन, Political Science/Constitution/Indian Polity NCERT Based Questions Part 11. These Questions are important For UPSC, IAS, RAS, RPSC, UPPSC, ,MPPSC, BPSC, Other State PCS. This Practice set have Multiple choice questions, which are from Indian Polity/Indian Constitution Subject. These Indian Polity/Indian Constitution Questions are made on the basis of previously asked questions in UPSC, IAS, RAS, UPPSC, MPPSC, BPSC, and Other PSC exams.

Indian Polity/Indian Constitution/Political Science Questions in Hindi




प्रश्न 1:- भारतीय संविधान को औपचारिक रूप से कब लागू किया गया?
A) 26 नवंबर 1949
B) 26 जनवरी 1950
C) 26 जनवरी 1949
D) 26 नवंबर 1950

उत्तरः (b)
व्याख्याः #26नवम्बर 1949को संविधान को अंगीकृत किया गया एवं 26 जनवरी 1950 को संविधान को औपचारिक रूप से लागू किया गया।


प्रश्न 2:- भारतीय संविधान को अंगीकृत कब किया गया?
A) 26 नवंबर 1949
B) 26 जनवरी 1949
C) 24 जनवरी 1950
D) 26 जनवरी 1950

उत्तरः (a) 
व्याख्याः #भारतीय_संविधान को 26 नवंबर 1949 अंगीकृत कब किया गया।


प्रश्न 3:- भारतीय संविधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
1. समय की आवश्यकतानुसार संविधान में संशोधन किये जा सकते हैं।
2. संवैधानिक बात की एक से अधिक व्याख्याएँ हो सकती हैं।
3. भारतीय संविधान में कठोरता तथा लचीलेपन का उचित समन्वय है।
4. भारतीय संविधान एक जीवंत दस्तावेज़ है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 4
B) केवल 3 और 4
C) केवल 2 और 3
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः (d)
व्याख्याः दिये गए सभी कथन सत्य हैं। #संसद समय की आवश्यकतानुसार संविधान में संशोधन कर सकती है। संविधान की व्याख्या करने का अधिकार सर्वोच्च न्यायालय के पास है अतः भिन्न-भिन्न मामलों में संविधान की किसी बात की अलग-अलग व्याख्याएँ हो सकती हैं। भारतीय संविधान में कठोरता और लचीलेपन का उचित समन्वय है। जहाँ लचीले का मतलब है परिवर्तनों के प्रति खुली दृष्टि, जबकि कठोर का अर्थ है अनावश्यक परिवर्तनों के प्रति कठोर रवैया। परिवर्तनों के प्रति उदार रवैया के कारण ही हमारा भारतीय संविधान जीवंत दस्तावेज़ कहलाता है। हमारा संविधान कोई जड़ और अपरिवर्तनीय दस्तावेज़ नहीं है।


प्रश्न 4:- भारतीय संविधान में संशोधन के लिये कौन-सा/से अनुच्छेद समाहित है/हैं?
(1) अनुच्छेद 368
(2) अनुच्छेद 3
(3) अनुच्छेद 364
(4) अनुच्छेद 2
कूटः 
A) केवल 1
B) केवल 4
C) केवल 2, 3 और 4
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः(a)
व्याख्याः संविधान के भाग-20 और #अनुच्छेद_368 में संविधान में संशोधन संबंधी प्रावधान है। संशोधन के तीन प्रकार हैं- साधारण बहुमत, विशेष बहुमत तथा विशेष बहुमत के साथ कम-से-कम आधे राज्यों के विधानमंडलों का समर्थन। संसद द्वारा साधारण तरीके से किया गया संशोधन को संविधान संशोधन का अंग नहीं माना जाता, क्योंकि इसमें संसद सामान्य बहुमत से विधि बना सकती है।


प्रश्न 5:- निम्नलिखित कथनों पर विचार करते हुए सत्य कथन छाँटिये-
1. संविधान संशोधन में संसद के अलावा किसी अन्य निकाय या संविधान आयोग की कोई भूमिका नहीं होती है।
2. संविधान संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिये भेजा जाता है और इस मामले में राष्ट्रपति पुनर्विचार करने के लिये नहीं कह सकता।
कूटः
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः संविधान में संशोधन केवल संसद द्वारा किया जा सकता है। जब संविधान संशोधन विधेयक को #राष्ट्रपति के समक्ष अनुमति के लिये भेजा जाता है, तो राष्ट्रपति को अनुमति देना अनिवार्य है।


प्रश्न 6:- संविधान संशोधन विधेयक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. इसे संसद के दोनों सदनों से स्वतंत्र रूप से विशेष बहुमत से पारित होना आवश्यक है।
2. इस संदर्भ में संसद के दोनों सदनों में सहमति न बन पाने पर राष्ट्रपति संयुक्त अधिवेशन बुला सकते हैं।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (b)
व्याख्याः
#संविधान_संशोधन_विधेयक संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और सदन में उपस्थित व मत देने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत द्वारा पारित होना आवश्यक है। अतः पहला कथन सत्य है। 
संविधान के अनुच्छेद-108 के तहत राष्ट्रपति दोनों सदनों के बीच गतिरोध होने पर संयुक्त बैठक बुला सकता है,किन्तु संविधान संशोधन में संयुक्त बैठक का कोई प्रावधान नहीं है। अतः दूसरा कथन असत्य है।


प्रश्न 7:- संविधान में राज्यों को प्राप्त शक्तियों (राज्य सूची के विषय) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सत्य हैं?
1. संघीय संरचना में राज्यों की शक्तियाँ केन्द्र सरकार की दया पर निर्भर करती हैं।
2. जब तक आधे राज्यों की विधानपालिकाएँ इस संदर्भ के किसी संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं कर देतीं तब तक वह संशोधन प्रभावी नहीं माना जाएगा।
3. इस संबंध में संशोधन के लिये केवल आधे राज्यों के अनुमोदन और राज्य विधानपालिकाओं के साधारण बहुमत की आवश्यकता होती है।
कूटः
A) केवल 1 और 2
B) केवल 2 और 3
C) केवल 1 और 3
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः (b)
व्याख्याः दिये गए कथनों में से कथन 2 और 3 सत्य हैं जबकि 1 असत्य। #संघीय संरचना में राज्यों की शक्तियाँ केंद्र सरकार की दया पर निर्भर नहीं हैं। संविधान में केंद्र सूची, राज्य सूची तथा समवर्ती सूची के माध्यम से केंद्र व राज्य के दायित्वों को पृथक कर दिया गया है।


प्रश्न 8:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. संविधान के 15वें संशोधन के द्वारा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा को 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष कर दिया गया। 
2. संविधान के 55वें संशोधन के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के वेतन में वृद्धि की गई थी।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन असत्य है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (d)
#व्याख्याः दिये गए दोनों कथन सत्य हैं।


प्रश्न 9:- संविधान में 42वें संशोधन के द्वारा क्या-क्या शामिल या परिवर्तित किया गया?
1. इसके द्वारा लोक सभा की अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष कर दिया गया था।
2. इसके द्वारा मूल कर्त्तव्यों को शामिल किया गया था।
3. इसके द्वारा संविधान की प्रस्तावना में परिवर्तन किया गया।
4. इसके द्वारा 7वीं अनुसूची में परिवर्तन किये गए।
कूटः
A) केवल 1
B) केवल 2 और 3
C) केवल 1, 2 और 4
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः (d)
व्याख्याः संविधान में #42वें_संशोधन के द्वारा संविधान में शामिल किया गया 
संविधान के 42वें संशोधन के द्वारा लोक सभा की अवधि को 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष कर दिया गया (इसे 44वें संशोधन के माध्यम से पुनः 5 वर्ष कर दिया गया)। इसके द्वारा संविधान के भाग 4(क) और अनुच्छेद 51(क) जोड़ा गया। इसे स्वर्ण सिंह समिति के सिफारिश के आधार पर शामिल किया गया।
इसके द्वारा संविधान में मूल कर्त्तव्यों को शामिल किया गया। 
इसके द्वारा संविधान की प्रस्तावना में समाजवादी, पंथनिरपेक्ष एवं अखंडता तीनों शब्दों को जोड़ा गया। 
इसके द्वारा 7वीं अनुसूची में परिवर्तन कर केंद्र को किसी राज्य में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिये सैन्य बल भेजने की शक्ति को जोड़ा गया।


प्रश्न 10:- निम्नलिखित कथनों पर विचार करेंः
1. संविधान की समीक्षा करने के लिये श्री वेंकट चलैया की अध्यक्षता में एक आयोग की नियुक्ति की गई।
2. चलैया आयोग का उद्देश्य संविधान के कामकाज की समीक्षा करना था।
3. विपक्षी दल तथा अन्य संगठनों ने इस आयोग का समर्थन किया था।
उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
A) केवल 1 और 2
B) केवल 2
C) केवल 2 और 3
D) उपरोक्त सभी

उत्तरः (a)
व्याख्याः सन् 2000 में #उच्चतम_न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश श्री वेंकटचलैया की अध्यक्षता में एक आयोग नियुक्त किया गया, जिसका उद्देश्य संविधान के कामकाज की समीक्षा करना था। विपक्षी दलों तथा अन्य संगठनों ने इस आयोग का बहिष्कार किया। इसने अपनी रिपोर्ट 2002 को सौपी अतः कथन 3 असत्य जबकि कथन 1 और 2 सत्य हैं।


प्रश्न 11:- भारतीय संविधान के विषय निम्लिखित में से कौन-सा कथन सही है?
A) यह सत्ता की निरंकुशता पर प्रतिबंध लगाता है।
B) यह सामाजिक बदलाव के लिये शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक साधन उपलब्ध कराता है।
C) यह समाज के कमज़ोर वर्गों को उनका उचित हक दिलाने की शक्ति प्रदान करता है।
D) उपर्युक्त सभी।

उत्तरः (d)
व्याख्याः उपर्युक्त में से विकल्प (d) सही है। अतः सभी कथन सही हैं।
संविधान को अंगीकार करने का एक प्रमुख कारण सत्ता को निरंकुश होने से रोकना है। 
यह हमें सामाजिक बदलाव के लिये शांतिपूर्ण #लोकतांत्रिक साधन प्रदान करता है। 
यह औपनिवेशिक दासता में रह रहे लोगों के लिये राजनीतिक आत्मनिर्णय की उद्घोषणा है। यह कमज़ोर वर्गों को उनका उचित हक दिलाने के लिये शक्ति प्रदान करता है। 
यह परम्परागत सत्ता से दूर रहे लोगों का सशक्तिकरण करता है। इसका निर्माण परम्परागत सामाजिक ऊँच-नीच के बंधनों को तोड़ने तथा स्वतंत्रता, समानता एवं न्याय के नए युग में प्रवेश करने के लिये हुआ है।


प्रश्न 12:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. भारत का संविधान अनुसूचित जाति एवं अनुसचित जनजाति के लिये विधायिका में आरक्षण का प्रावधान करता है।
2. भारत का संविधान अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिये लोक नियोजन और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण संबंधी उपबंध करता है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (c)
व्याख्याः उपर्युक्त दोनों कथन सही हैं।
#अनुसूचित_जाति एवं जनजाति के लिये संविधान के अनुच्छेद-330 और अनुच्छेद-332 में संसद और राज्य के विधानमंडलों में आरक्षण का उपबंध किया गया है।
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिये संविधान के अनुच्छेद-15(4) एवं (5) में शिक्षण संस्थानों, अनुच्छेद-16(4) में लोक नियोजन और अनुच्छेद-335 के परन्तु में लोक सेवा पदोन्नति में आरक्षण का उपबंध किया गया है।


प्रश्न 13:- निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. भारत का संविधान धार्मिक समुदायों को शिक्षण संस्थान स्थापित करने का अधिकार देता है।
2. राज्य धार्मिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों को धन नहीं दे सकता है । 
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (a)
व्याख्याः उपर्युक्त में से कथन (2) गलत है।
भारत का संविधान #धार्मिक_समुदायों को शिक्षण संस्थान स्थापित करने और चलाने का अधिकार प्रदान करता है। राज्य धार्मिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों को धन दे सकता है।


प्रश्न 14:- धर्म निरपेक्षता/पंथ-निरपेक्षता का भारतीय संदर्भ कौन-सा है?
A) राज्य का धर्म से कोई लेना-देना नहीं।
B) राज्य का धर्म से नज़दीकी संबंध है।
C) राज्य, धर्मों के बीच भेदभाव कर सकता है।
D) राज्य, धार्मिक समूहों के अधिकारों को मान्यता देता है।

उत्तरः (d)
व्याख्याः उपर्युक्त में से विकल्प (d) सही है।
#भारतीय_राज्य ने किसी भी धर्म को राजकीय धर्म के रूप में अंगीकार नहीं किया है। 
भारत का संविधान किसी भी धर्म को विशेष दर्ज़ा नहीं देता है, अपितु सभी धार्मिक समुदायों के अधिकारों को मान्यता प्रदान करता है, जैसे: शिक्षण संस्थान की स्थापना करने और उसे चलाने का अधिकार, राज्य धार्मिक संगठनों द्वारा चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों को धन दे सकता है।
भारत के संविधान में मूल रूप से पंथ-निरपेक्षता शब्द का उल्लेख नहीं किया गया है। फिर भी हमारा संविधान धर्मनिरपेक्ष रहा है। इसे 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के द्वारा प्रस्तावना में जोड़ा गया है।


प्रश्न 15:- सकारात्मक कार्य-योजना (Affirmative action programme) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजियेः
1. इसे सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में अपनाया गया।
2. इस कार्य-योजना का उद्देश्य समाज के वंचित एवं कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2

उत्तरः (b)
व्याख्याः उपर्युक्त में से कथन (1) गलत है।
#संयुक्त_राज्य_अमेरिका में नागरिक अधिकार आन्दोलन (1964) के पश्चात् सकारात्मक कार्य-योजना को अपनाया गया, जबकि भारत में यह संविधान प्रारंभ होने के साथ ही प्रारंभ हो गया। भारत के संविधान में इसके लिये प्रावधान किया गया है।
इस कार्य-योजना के द्वारा राज्य समाज के वंचित एवं कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा करता है तथा उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ता है।


प्रश्न 16:- निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
A) नेहरू रिपोर्ट, 1928 में उपबंध था कि 24 वर्ष की आयु के प्रत्येक व्यक्ति को लोक सभा में मतदान करने का अधिकार होगा।
B) नेहरू रिपोर्ट, 1928 में उस प्रत्येक व्यक्ति को नागरिक माना गया, जिसने राष्ट्रमंडल की भू-सीमा में जन्म लिया था और किसी अन्य राष्ट्र की नागरिकता ग्रहण नहीं की थी।
C) संविधान का अनुच्छेद-370 जम्मू एवं कश्मीर राज्य के लिये एक अलग संविधान का उपबंध करता है।
D) संविधान का अनुच्छेद-371(क) महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों के लिये विशेष उपबंध करता है।

उत्तरः (d)
व्याख्याः उपर्युक्त में से कथन (d) सही नहीं है।
#मोतीलाल_नेहरू ने 1928 में एक रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे नेहरू रिपोर्ट के नाम से जाना जाता है। इस रिपोर्ट में नागरिक के मूल अधिकार, 24 वर्ष की आयु के प्रत्येक व्यक्ति को लोक सभा में मतदान करने का अधिकार तथा उस प्रत्येक व्यक्ति को नागरिक माना गया, जिसने राष्ट्रमंडल की भू-सीमा में जन्म लिया तथा किसी अन्य देश की नागरिकता ग्रहण नहीं की थी।
संविधान का अनुच्छेद-370 जम्मू एवं कश्मीर राज्य के लिये विशेष प्रावधान करता है। जम्मू-कश्मीर भारत का एकमात्र ऐसा राज्य है, जिसका अपना संविधान है।
संविधान के अनुच्छेद-371(क) नागालैंड के लिये विशेष उपबंध करता है, जबकि अनुच्छेद-371 में महाराष्ट्र एवं गुजरात के लिये विशेष उपबंध किया गया है।

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